
नई दिल्ली : पांच महीने पहले ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हाथों मुंह की खाने वाला पाकिस्तान अब भी इस सैन्य अभियान से सहमा है। उसे इस बात का डर सता रहा है कि उस पर भारत फिर हमला कर सकता है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान से इस डर का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि भारत के साथ युद्ध का खतरा वास्तविक है। इसके साथ ही मुंगेरी लाल की तरह सपने देख रहे मंत्री ने यह दावा तक कर डाला कि भविष्य में अगर कोई सशस्त्र संघर्ष हुआ तो उनका देश ज्यादा बड़ी जीत हासिल करेगा।
ख्वाजा ने कहा कि सशस्त्र टकराव का खतरा है। पाकिस्तान चौकन्ना है और स्थिति पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा, “मैं तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन खतरा वास्तविक है। मैं इसे नकार नहीं रहा हूं। अगर युद्ध की स्थिति आती है तो अल्लाह की मर्जी से हम पहले से बेहतर परिणाम प्राप्त करेंगे।”
ख्वाजा ने यह भी दावा कर दिया कि पाकिस्तान के पास अब छह महीने पहले की तुलना में अधिक समर्थक और सहयोगी हैं, जबकि भारत ने उन देशों का समर्थन भी खो दिया है जो मई से पहले उसके पक्ष में थे। हालांकि इस संदर्भ में उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले बाद भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।
ख्वाजा का यह दावा सच से कोसों दूर है, क्योंकि ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने के बाद सात दशक से ज्यादा समय गुजर चुका है और भारत स्थिर व एकीकृत लोकतंत्र बना हुआ है। जबकि इसके उलट पाकिस्तान में कई बार सैन्य तख्तापलट हो चुका है और राजनीतिक रूप से अस्थिर है। जहां तक इतिहास की बात है तो 322 ईसा पूर्व से 185 ईसा पूर्व तक मौर्य साम्राज्य ने भारतीय उपमहाद्वीप के ज्यादातर भाग को एकीकृत किया था।
बाद में गुप्त वंश के समुद्रगुप्त और पुष्यभूति वंश के हर्षवर्धन ने भी प्राचीन भारत के बड़े हिस्से को राजनीतिक रूप से एकजुट किया था। जहां तक औरंगजेब के शासन की बात है तो उसके साम्राज्य का विस्तार लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप तक हो गया था, लेकिन इस दौरान अंतहीन युद्ध और विद्रोह भी हुए थे।



