
मान्यता के अनुसार गणाधिप संकष्टी चतुर्थी उन लोगों के लिए बेहद शुभ होती है जो अपने जीवन में चल रही कठिनाइयों से मुक्ति चाहते हैं. इस दिन व्रती पूरे दिन उपवास रखकर शाम के समय चंद्रमा के दर्शन करते हैं. चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है. इस बार संकष्टी पर शिव योग और सिद्ध योग जैसे दो अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं, जो पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देंगे.
तिथि और शुभ मुहूर्त
1. तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर 2025, सुबह 07:32 बजे
2. तिथि समाप्त: 9 नवंबर 2025, सुबह 04:25 बजे
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का महत्व:- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से हर प्रकार के संकट और बाधाएं समाप्त हो जाती हैं. जो भक्त सच्चे मन से गणपति की आराधना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस दिन का व्रत बुद्धि, ज्ञान और सफलता प्रदान करता है. साथ ही परिवार में सुख-शांति और धन की वृद्धि होती है.



