नई दिल्ली: बांग्लादेश में सोमवार को स्पेशल ट्रिब्यूनल मानवता के खिलाफ अपराधों पर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए फैसला देगा। इसके मद्देनजर राजधानी ढाका समेत देश के सभी बड़े शहरों और प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हसीना पर 2024 में सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों को हिंसक तरीके अपनाने का आदेश देने का आरोप है। बांग्लादेश के कार्यकारी गृह मंत्री जहांगीर आलम चौधरी ने कहा है कि सुरक्षा बलों और अन्य एजेंसियों को किसी भी अप्रिय वारदात से निपटने के लिए तैनात किया गया है।
उल्लेखनीय है कि 78 वर्षीय शेख हसीना इस समय भारत में शरण लिए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच बांग्लादेश में करीब 1,400 लोग मारे गए थे। सैकड़ों लोग पांच अगस्त को हसीना सरकार का तख्तापलट होने के बाद हुई हिंसा में मारे गए थे। तख्तापलट के बाद मारे गए लोगों में बड़ी संख्या हिंदू अल्पसंख्यकों और अवामी लीग के कार्यकर्ताओं की थी।



