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शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है? तो महाशिवरात्रि की रात करें ये उपाय

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महाशिवरात्रि की रात को ‘सिद्धि की रात’ माना जाता है। यह वह पावन समय है जब शिव और शक्ति का मिलन हुआ था। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी जातक की कुंडली में विवाह के योग कमजोर हों या रिश्ता तय होते-होते टूट जाता हो, तो उन्हें महाशिवरात्रि के दिन कुछ विशेष उपाय करने चाहिए। इस साल यह पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा, तो आइए इस आर्टिकल में महाशिवरात्रि के उन खास उपायों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं –

महाशिवरात्रि के खास उपाय 
केसर मिश्रित दूध से अभिषेकविवाह की बाधाओं को दूर करने के लिए महाशिवरात्रि की रात को शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध अर्पित करें। केसर शुक्र और गुरु दोनों ग्रहों को मजबूत करता है, जो विवाह के कारक माने जाते हैं। अभिषेक करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप लगातार करते रहें।

शिव-पार्वती का गठबंधनमहाशिवरात्रि की रात शिव मंदिर में जाकर माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा के चारों ओर 7 बार कलावा लपेटकर उनका गठबंधन करें। ऐसा करते समय मन ही मन शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। इस उपाय को करने से जल्द विवाह के योग बनते हैं।

हल्दी और बिल्व पत्र का उपायबिल्व पत्र के तीनों पत्तों पर पीले चंदन या हल्दी से ‘राम’ लिखें और उन्हें शिवलिंग पर अर्पित करें। हल्दी को हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव को हल्दी चढ़ाना वर्जित है, लेकिन शिवरात्रि की रात माता पार्वती के चरणों में हल्दी चढ़ाना और फिर उस हल्दी का तिलक अपने माथे पर लगाना विवाह के योग को प्रबल करता है।

माता पार्वती का विशेष पूजनअविवाहित कन्याओं को महाशिवरात्रि की रात मां पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे- लाल चुनरी, चूड़ियां, मेहंदी और सिंदूर अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही इस “हे गौरी शंकर अर्धांगिनी यथा त्वं शंकर प्रिया, तथा मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभम्” मंत्र का जप करना चाहिए।

नंदी को खिलाएं चाराभगवान शिव के वाहन नंदी को हरा चारा खिलाना भी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। अगर कुंडली में कोई दोष विवाह में देरी का कारण बन रहा है, तो इस रात नंदी की प्रतिमा के कान में अपनी इच्छा कहें। साथ ही उन्हें गुड़ चढ़ाएं।

सावधानी और नियमउपाय करते समय मन में पूर्ण श्रद्धा रखें और सात्विकता का पालन करें। महाशिवरात्रि की रात जागरण करना और चारों पहर की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता होता है। अगर हो पाए, तो इस रात मंदिर में घी का एक दीपक जलाकर शिव चालीसा का पाठ भी जरूर करें।

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