महासमुंद: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बिहान योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में महासमुंद जिला इकाई में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी जितेंद्र चंद्राकर ने विधिवत फीता काटकर नवनिर्मित प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को विभिन्न कौशलों में पारंगत करना है, ताकि वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें, बल्कि समाज में एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना सकें। बिहान, जिसका शाब्दिक अर्थ नई सुबह होता है। वास्तव में महासमुंद की हजारों महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का नया सवेरा लेकर आया है। इस अवसर पर चंद्राकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना एक विकसित समाज की पहली शर्त है और इस प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से बिहान दीदियों को उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त मंच मिलेगा। हुलसी ने इस क्षण को अपने सार्वजनिक जीवन का एक गौरवपूर्ण और सौभाग्यशाली अवसर बताते हुए कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो उसका पूरा परिवार शिक्षित और समृद्ध होता है। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि बिहान योजना के माध्यम से आज ग्रामीण बहनें संगठित होकर लघु उद्योगों, कृषि आधारित व्यवसायों और बैंक लिंकेज जैसे कार्यों के जरिए अपनी किस्मत खुद लिख रही हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र की सुविधाओं का अवलोकन किया और उपस्थित बिहान दीदियों से सीधा संवाद कर उनके हौसले की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में यह केंद्र जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा, जहां से प्रशिक्षित होकर महिलाएं स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुँचाने का काम करेंगी।



