
नई दिल्ली. राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. यानी वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही रहेंगे. उन्होंने 5 फरवरी को सरेंडर किया था. गुरुवार को राजपाल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और उनकी सजा को बरकरार रखा है. कोर्ट ने सुनवाई में कहा,”आप जेल इसलिए गए हैं क्योंकि आपने अपनी ही कमिटमेंटस का मान नहीं किया.” कोर्ट ने कहा कि कम से कम दो दर्जन बार राजपाल ने यह बयान दिया कि वह अपनी कमिटमेंट की रिस्पेक्ट करेंगे और पैसे चुकाएंगे, लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे.
साल 2018 में चेक बाउंस मामले में दोषी पाए गए थे राजपाल यादव
राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला साल 2010 का है. उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लोन लिया था. कथित तौर पर लोन चुकाने में चूक के बाद यह मामला लंबी कानूनी लड़ाई में बदल गया. अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई. सेशंस कोर्ट ने 2019 की शुरुआत में इस सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की.
राजपाल यादव ने 5 फरवरी को किया था सरेंडर



