सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का विशेष महत्व है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। विशेषकर उत्तर भारत और लखनऊ में इसकी धूम देखते ही बनती है। साल 2026 में ज्येष्ठ माह की शुरुआत के साथ ही हनुमान भक्तों का इंतजार खत्म होने वाला है। ऐसी मान्यता है कि इसी महीने में हनुमान जी की मुलाकात भगवान श्रीराम से हुई थी, इसलिए यह समय बजरंगबली की कृपा पाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।
बड़ा मंगल 2026: तिथि
- पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026
- दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026
- तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026
- चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026
- पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून 2026
- छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026
- सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026
- आठवां बड़ा मंगल: 23 जून 2026
बड़े मंगल का पौराणिक महत्व
बड़ा मंगल कहे जाने के पीछे दो मुख्य पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं –
हनुमान-राम मिलाप: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही हनुमान जी वनवास के दौरान भगवान श्री राम से पहली बार मिले थे।
भीम का अहंकार भंग: एक अन्य कथा के अनुसार, द्वापर युग में इसी दिन हनुमान जी ने बूढ़े वानर का रूप धारण कर महाबली भीम का अहंकार तोड़ा था। इसीलिए इसे ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहा जाता है।
करें ये खास उपाय
- इस दिन बजरंगबली को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर अर्पित करें।
- घर में सुख-शांति के लिए सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ सामूहिक रूप से पाठ करवाएं।
- बड़े मंगल पर जगह-जगह प्याऊ लगवाएं।
- लोगों में ठंडा पानी, शरबत और पूड़ी-सब्जी का भंडारा कराएं।
पूजन मंत्र
- ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नम:।।
- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।।
- मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।



