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जिले के तीनों विकासखंडों में मानसिक स्वास्थ्य उन्मुखीकरण पूर्ण – 180 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षित, टेली-मानस सेवाओं को मिलेगा बल

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एमसीबी :  जिले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP) के अंतर्गत जिला एनएमएचपी टीम द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से तीनों विकासखंडों में स्वास्थ्यकर्मियों हेतु मानसिक स्वास्थ्य उन्मुखीकरण प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 16, 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को क्रमशः जनकपुर, मनेन्द्रगढ़ एवं खड़गवां के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें 180 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की प्रारंभिक पहचान, समय पर परामर्श एवं उचित रेफरल प्रणाली से जोड़ने के लिए सक्षम बनाना था, ताकि समुदाय स्तर पर सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य की मूलभूत समझ, सामान्य मानसिक विकारों के लक्षण, आत्महत्या की रोकथाम तथा किशोर मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

प्रतिभागियों में आयुष चिकित्सा अधिकारी, आरबीएसके टीम, ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (RHO), एएनएम, मितानिन प्रशिक्षक एवं ब्लॉक स्तर के समन्वयक तथा संबद्ध फील्ड स्टाफ सम्मिलित रहे।प्रशिक्षण में विशेष रूप से टेली-मानस हेल्पलाइन (14416) के प्रभावी उपयोग एवं प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी लोगों को त्वरित मानसिक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ की राज्य मानसिक स्वास्थ्य सलाहकार श्रीमती निधि दुबे द्वारा, डॉ. गजेंद्र सिंह (स्वास्थ्य विशेषज्ञ, यूनिसेफ) के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान श्रीमती निधि दुबे ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, “खुद के लिए समय निकालना मानसिक संतुलन बनाए रखने का जरूरी हिस्सा है।”

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों (BMO), जिला नोडल अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम) डॉ. नम्रता चक्रवर्ती, श्री अवनीश पांडे, जिला प्रशिक्षण समन्वयक तथा अन्य जिला अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग रहा।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता में वृद्धि होगी और वे समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर प्रभावी सहायता प्रदान कर सकेंगे। कार्यक्रम के समापन पर जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यक जिम्मेदारी है।”

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