
देवभोग, रिपोर्टर राधेश्याम यादव :-गरियाबंद जिले के देवभोग से एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। यहाँ के ‘देवमाता हॉस्पिटल’ में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव को बीच सड़क पर रखकर नेशनल हाईवे 130-C पर चक्काजाम कर दिया है। इसके चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप:- मिली जानकारी के अनुसार, मृतिका की पहचान भानुमति मांझी (30 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि देवमाता अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही और समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण प्रसूता की जान गई है। महिला की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर और सड़क पर इकट्ठा हो गए।
हाईवे पर घंटों रहा सन्नाटा और तनाव:- परिजनों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शव को नेशनल हाईवे 130-C पर रख दिया। चक्काजाम के कारण हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और देखते ही देखते गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंचा प्रशासन: घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं। अधिकारियों द्वारा गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जाम खुलवाया जा सके।
अस्पताल प्रबंधन ने साधी चुप्पी:- इस पूरे घटनाक्रम और लापरवाही के गंभीर आरोपों पर फिलहाल देवमाता अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



