सुरेश मिनोचा कोरिया : ग्रामीणों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं के तहत सोनहत विकासखंड के ग्राम तंजरा में मनरेगा एवं आजीविका मिशन के माध्यम से पशुपालकों को बड़ी सौगात मिली है। यहां बकरी पालन करने वाले हितग्राहियों के लिए मनरेगा के तहत गोठान शेड निर्माण कराया गया है तथा स्व सहायता समूह से जुड़ी 10 महिलाओं को उन्नत नस्ल के जमनापारी एवं सिरोही बकरे प्रदान किए गए हैं।
जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सिंह जगत ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के निर्देशन में यह कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम तंजरा में अधिकांश परिवार बकरी पालन से जुड़े हुए हैं।
मनरेगा के तहत ग्राम तंजरा के 10 हितग्राहियों के यहां लगभग 14 लाख 90 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड का निर्माण कराया गया है। वहीं आजीविका मिशन के माध्यम से स्व सहायता समूह की 10 महिलाओं को उन्नत नस्ल के बकरे उपलब्ध कराए गए हैं।
जगत ने बताया कि वर्तमान में बकरी पालन से हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 3 हजार से 18 हजार रुपये तक की आय प्राप्त होती है, जबकि उन्नत नस्ल के बकरों के माध्यम से उन्हें अनुमानित एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक लाभ मिलने की संभावना है।
फूलसाय, सुखलाल, अशोक, हीरासाय, रामबिलास, यहाबीत, प्रेमसिंह, रामदास, गोविंद सिंह एवं देवधारण को शेड निर्माण का लाभ मिला है। वहीं सुशासन तिहार के अवसर पर ग्राम पंचायत लटमा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में स्व सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती धनपतिया, सनमत, सोनमती, इंद्र कुंवर, कौशिल्या, सुमित्रा, निरासो, लीलावती, सोनकुंवर एवं सहोदरी बाई को एक-एक उन्नत नस्ल का बकरा प्रदान किया गया। इन महिलाओं के पास वर्तमान में 6 से लेकर 30 तक बकरियां हैं, जिससे वे पहले से ही बकरी पालन व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने तथा पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से हितग्राहियों की आय बढ़ेगी और उनका जीवन स्तर भी बेहतर होगा।



