साल में 24 और अधिकमास में 26 एकादशी तिथियां पड़ती हैं. एकादशी के सभी व्रत जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित किए गए हैं. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी, योगिनी एकादशी कहलाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, कल यानी 10 जुलाई, शुक्रवार के दिन योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. योगिनी एकादशी के दिन व्रत के साथ-साथ विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है.धार्मिक मान्यता है योगिनी एकादशी का व्रत रखने से जीवन में जाने-अनजााने में किए गए सभी पापों का नाश होता है. घर में धन, वैभव और सुख-समृद्धि बढ़ती है. योगिनी एकादशी का व्रत रखने मात्र से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने का पुण्य प्राप्त हो जाता है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि व्रत के दौरान कुछ गलतियों को करने से व्रत टूट जाता है और भगवान विष्णु नाराज होते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि योगिनी एकादशी के दिन कौन सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए?
योगिनी एकादशी के दिन न करें ये गलतियां
तुलसी के पत्ते तोड़ना: योगिनी एकादशी के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते न तोड़ें. धार्मिक मान्यता है कि तुलसी जी एकादशी पर भगवान विष्णु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं. एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से तुलसी माता का व्रत खंडित हो सकता है. यही कारण है कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना और उसमें जल देना शास्त्रों में वर्जित है.
तामसिक चीजों का सेवन: एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करें. माना जाता है कि इन चीजों का सेवन करने से एकादशी का पावन व्रत खंडित हो जाता है. साथ ही एकादशी के दिन चावल भी ग्रहण न करें.
सामान्य नमक का इस्तेमाल: व्रत के दौरान नमक का पूरी तरह से त्याग कर दें. इस व्रत में सामान्य नमक का सेवन नहीं करें. व्रत के समय सेंधा नमक का ही सेवन करना अच्छा माना जाता है. सामान्य नमक खाने से व्रत टूट जाता है.
लड़ाई-झगड़ा: एकादशी के दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें और बातचीत के दौरान किसी को अपशब्द नहीं कहें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस तरह की गलती को करने से व्रत का फल क्षीण हो जाता है और जीवन में कई परेशनियां बढ़ सकती हैं.



