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क्षेत्र में बढ़ा झोलाछाप डॉक्टरों का तादाद बिमारी नहीं- बिमारो को ही मिटा रहे हैं नीम-हकीम, सीएमएचओ ने कहा होगी कार्यवाही

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रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : सरगुजा जिले के ग्रामीण इलाकों में शासन के बिना इजाजत अन्य दूसरे प्रांतों से आए झोलाछाप डॉक्टरों ने क्लिनिक खोल कर मकड़ी जाल फैला रखा है। झोलाछाप डॉक्टरों के नीजी क्लिनिको में जरूरतमंद मरीजों के मर्ज का इलाज कर मोटी कमाई कर रहे हैं। कहावत है “”नीम-हकीम खतरे जान”” ।

इन नीम-हकीम झोलाछाप डॉक्टरों के चलते कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां इलाज के बाद मरीजों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन झोला छाप नीम-हकीम डॉक्टरों पर कोई कठोर वाजिब कानूनी कार्यवाही नहीं होने कारण इनके हौसले बुलंद हैं।

उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आकर झोला छाप डॉक्टरों ने जिले के गांवों में क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही मामला लखनपुर विकासखंड के ग्राम पुटा में देखने को मिला जहां उत्तर प्रदेश बनारस से आए युवक जो बिना डिग्री , रजिस्ट्रेशन के किराए के मकान में क्लिनिक खोल उल्टी, दस्त, बुखार, दाद खाज खुजली सहित अन्य असाध्य गंभीर लाईलाज बीमारियों का इलाज अपने क्लीनिक में तथा घर-घर जाकर किया जा रहा है। इतना ही नहीं अपितु शासन प्रशासन के

बिना अनुमति H 1 ड्रग सहित अन्य घातक दवाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही है। लखनपुर सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर मेडिकल दुकान की आड़ में क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर उनके स्वास्थ्य एवं जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एक सर्वे से पता चला है कि शासकीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इन झोलाछाप डॉक्टरों पर अंकुश लगाने नाकाम रही है ‌‌। अब देखने वाली बात होगी कि इन झोलाछाप डॉक्टरों पर किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है या फिर कार्रवाई के अभाव में यह झोलाछाप डॉक्टर इसी तरह फलते फूलते आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे। अब तक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने इन झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। साथ ही इन नीम-हकीम झोलाछाप डॉक्टरों के कार्य प्रणाली पर नकेल कसी नहीं गई है।

इन डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने को लेकर किसी प्रकार का अभियान नहीं चलाया गया है।

प्रैक्टिशनर सोनू पांडे

इस संबंध में सोनू पांडे से बात करने पर बताया कि – मैं उत्तर प्रदेश निवासी हूं। लाइसेंस बन रहा है अभी मैं डिस्पेंसरी मेडिकल का प्रैक्टिस करता हूं। उल्टी दस्त बुखार तथा अन्य बिमारियों का दवा एवं इंजेक्शन के जरिए से ईलाज करता हूं। लाइसेंस बनने के बाद मेडिकल दुकान खोल कर दवाईयों की बिक्री तथा मरीजों की ईलाज की जायेगी।

बयान—

“””मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पी0एस0 मार्को”””ने

इस संबंध में चर्चा करने पर कहा कि आपके माध्यम से जानकारी मिली है नर्सिंग होम एक्ट के तहत जांच टीम भेज कर उचित कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहां के जिले में अब तक चार लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जा चुकी है। झोलाछाप नीम-हकीम डॉक्टरों के द्वारा लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।तह तक जांच करा उचित कार्यवाही कराई जाएगी।

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