
दुबई : मध्य पूर्व में तनाव के शोले एक बार फिर भड़क गया है। इजरायल ने सोमवार तड़के यमन के हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाहों और ठिकानों पर हवाई हमले किए।
इसके जवाब में हूतियों ने इजरायल पर मिसाइल दागी है। यह सब तब शुरू हुआ जब रविवार को लाइबेरिया के झंडे वाला एक जहाज लाल सागर में हमले का शिकार हुआ। इसके बाद आग लगने से चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। इस हमले का शक हूतियों पर है।
हूतियों ने इस हमले की जिम्मेदारी तुरंत नहीं ली, लेकिन उनकी मीडिया ने इसका जिक्र किया। यह हमला मध्य पूर्व में उस वक्त हुआ है जब इजरायल-हमास जंग में सीजफायर की बात चल रही है और ईरान अपनी परमाणु वार्ता पर विचार कर रहा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाशिंगटन जा रहे हैं।
इजरायली सेना ने गैलेक्सी लीडर नामक जहाज पर भी हमला किया। इस जहाज को हूतियों ने नवंबर 2023 में लाल सागर में कब्जे में लिया था। सेना का दावा है कि हूतियों ने इस जहाज पर रडार सिस्टम लगाया था, जिससे समुद्री जहाजों पर नजर रखी जा रही थी।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने आगे भी हमलों की धमकी दी। उन्होंने कहा, “जो इजरायल के खिलाफ हथियार उठाएगा, उसका हाथ काट दिया जाएगा। हूतियों को उनकी हरकतों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
ब्रिटिश सेना की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि जहाज़ पर सशस्त्र सुरक्षा दल ने शुरुआती हमले का जवाब दिया था। निजी समुद्री सुरक्षा फर्म एम्ब्रे ने कहा कि आठ छोटी नावों और ड्रोन बोट्स ने हमला किया, जिसमें दो ड्रोन नावें जहाज़ से टकराईं, जबकि दो को सुरक्षा दल ने नष्ट कर दिया।
इन हमलों से लाल सागर में 1 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार पर असर पड़ा है। मार्च में अमेरिकी हमलों के बाद हूतियों ने कुछ समय के लिए हमले रोके थे, लेकिन अब फिर से सक्रिय हो गए हैं। यमन की निर्वासित सरकार के सूचना मंत्री मुअम्मर अल-एर्यानी ने कहा कि हूती ईरान के इशारे पर काम कर रहे हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहे हैं।



