
महासमुंद: बजट कांग्रेस पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा कि बजट भाषण लंबा और बेहद निराशाजनक रहा बीजेपी सरकार का संकल्प धरा का धरा रह जाएगा। बजट के माध्यम से केवल सपना दिखाया गया है। डॉ रश्मि के अनुसार प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार किसान हैं, पर प्रस्तुत बजट में किसानों के लिए कोई ठोस और भरोसेमंद प्रावधान नजर नहीं आते। डॉ रश्मि चंद्राकर ने सरकार से किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने और धान खरीद प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने की मांग की है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल सके।इसके साथ ही डॉ चंद्राकर ने सरकार पर किसानों को उनकी मेहनत का एक एक दाना धान खरीदी नहीं करने पाने का आरोप भी लगाया और कहा कि किसान लगातार परेशान हैं। बजट में उनकी चिंता दूर करने के लिए कुछ खास नहीं है. मोदी की गारंटी में 500 रु में गैस सिलेंडर देने का का वादा था जिसका कोई जिक्र नहीं किया गया है।
बढ़ती महंगाई को कम करने का कोई रोड मैप नहीं है ।छत्तीसगढ़ की महिलाओं को ठग कर सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट भाषण में महतारी वंदन योजना से वंचित महिलाओं के लिए फिर से फार्म भरने के लिए पोर्टल को खोलने की कोई जिक्र नहीं की गई।शिक्षा ही देश का भविष्य तय करती है, लेकिन इस बजट में गरीब परिवार के बच्चो को नर्सरी शिक्षा देने का कोई प्रावधान नहीं है। पहले आरटीई के माध्यम से नर्सरी शिक्षा निशुल्क शिक्षा दिया जाता था जिसे बंद कर कक्षा पहली से कर दी गई हैं इस से गरीब परिवार के बच्चो को नर्सरी शिक्षा के लिए भारी भरकम खर्च करना पड़ेगा भाजपा सरकार गरीब परिवार के बच्चो को शिक्षा से वंचित रखना चाहती हैं इस साल आरटीआई में सीटो की संख्या कम कर दी गई है। भाजपा सरकार को गरीब परिवार के बच्चो को नर्सरी शिक्षा के लिए बजट में प्रावधान करना चाहिए था।



