पंडरिया : लोरमी क्षेत्र के लालपुर थाना अंतर्गत झाफल के रहने वाले पिछले कई दिनों से लापता चल रहे शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ लेखा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत के मामले में आखिरकार चौंकाने वाला खुलासा हो गया है। शुरुआत में गुमशुदगी के रूप में सामने आया यह मामला अब हत्या में बदल चुका है। 21 मार्च से लापता दामोदर सिंह की लगातार तलाश के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला,तो परिजनों और समाज में चिंता और आक्रोश बढ़ता गया। इसी बीच पुलिस जांच के दौरान एक संदिग्ध संजय यादव को हिरासत में लिया गया,जिसके बाद पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं। आरोपी की निशानदेही पर लालपुर एवं पंडरिया पुलिस ने पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा की पहाड़ी के जंगल से दामोदर सिंह का शव बरामद किया गया। इस खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और यह स्पष्ट हो गया है कि यह सिर्फ गुमशुदगी नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला था।
लापता से हत्या तक का पूरा घटनाक्रम
दामोदर सिंह राजपूत 21 मार्च को मुंगेली से अपने गृहग्राम झाफल नवरात्रि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन वे घर नहीं पहुंचे। अगले दिन से परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इस दौरान उनकी मोटरसाइकिल ग्राम बंधवा के पास संदिग्ध हालत में मिली। परिवार वालों की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की,लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।
देवसरा के जंगल में दफन मिला शव
इस बीच लालपुर पुलिस ने आरोपी संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर देवसरा की पहाड़ी के जंगल से दामोदर सिंह का शव बरामद किया गया। शव काफी पुराना हो चुका था और चेहरा सड़ चुका था। पहचान उनके कपड़ों और शरीर की बनावट के आधार पर पत्नी और बेटे ने की।
3 लाख की सुपारी देकर कराई हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या के पीछे सुनियोजित साजिश थी। आरोपी संजय यादव ने कबूल किया कि उसे 3 लाख रुपए की सुपारी दी गई थी। इस वारदात में उसके साथ मुन्ना सिंह और एक अन्य साथी भी शामिल था। तीनों ने मिलकर दामोदर सिंह का अपहरण किया और देवसरा के जंगल में गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को जमीन में दफना दिया गया।
देवसरा को क्यों चुना गया?
देवसरा क्षेत्र को चुनने के पीछे भी खास वजह सामने आई है। मुख्य आरोपी संजय यादव की बहन की शादी इस गांव में हुई है और वह पहले भी कई बार यहां आ चुका था। इलाके की अच्छी जानकारी होने के कारण उसने इस सुनसान जगह को वारदात के लिए चुना,ताकि किसी को शक न हो।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
प्राथमिक जांच में इस पूरे मामले के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को शक है कि सुपारी देने वालों में मृतक के ही कुछ रिश्तेदार शामिल हो सकते हैं, जिनसे पहले से विवाद चल रहा था। हालांकि पुलिस इस एंगल पर गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
फिलहाल मुख्य आरोपी संजय यादव पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए पंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद मामला आगे की जांच के लिए लालपुर थाना,जिला मुंगेली को सौंपा जाएगा।
समाज में आक्रोश,कड़ी कार्रवाई की मांग
इस घटना से क्षेत्र में भारी आक्रोश है। दामोदर सिंह राजपूत एक सम्मानित और सामाजिक व्यक्ति थे,जो धर्म-कर्म करने दान देने और अन्य समाज सेवा में सक्रिय रहते थे। उनके इस तरह हत्या होने से परिजन,समाज और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है,बल्कि यह भी दिखाता है कि व्यक्तिगत विवाद किस हद तक घातक रूप ले सकते हैं।



