सुरेश मिनोचा कोरिया : कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से संबंधित किसी भी कार्य के प्रस्ताव के पूर्व ग्राम सभा से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य का प्रस्ताव भेजने से पहले उसका गहन परीक्षण और निरीक्षण आवश्यक रूप से किया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ के नवीन नियमों का भली-भांति अध्ययन कर, केवल आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर ही प्रस्ताव भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में उन्होंने आगामी 1 मई से प्रारंभ हो रहे राज्य स्तरीय सुशासन तिहार की तैयारियों की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन, शिविर एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी विभागों को लंबित प्रकरणों पर जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिया कि सभी गांवों का नियमित भ्रमण कर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और लू के दौरान मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ, जांच सुविधा और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर त्रिपाठी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर योजनाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने ब्लॉक में लगने वाले शिविर में ब्लॉक स्तर के अधिकारी की उपस्थिति अवश्य हो। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, आश्रम शाला, स्वास्थ्य केंद्र एवं उचित मूल्य दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा पाई गई कमियों की तत्काल सूचना संबंधित विभाग को दी जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर डीडी मंडावी सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



