हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए 16 शृंगार का बेहद खास महत्व है, जिसमें सिंदूर को अखंड सौभाग्य का सबसे बड़ा और पवित्र प्रतीक माना जाता है। विवाह के दौरान वर द्वारा वधू की मांग में सिंदूर भरने की रस्म को निभाया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सुहागिन महिलाओं को मांग में सिंदूर लगाने से सुहाग की दीर्घायु होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। शास्त्रों में सिंदूर को लेकर कई नियम के बारे में बताया गया है।
धार्मिक मान्यता और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सुहागिन महिलाओं को किसी से मांगकर से सिंदूर भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की गलती को करने से जीवन में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति का प्रभाव बढ़ सकता है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर किसी से मांगकर सिंदूर क्यों नहीं लगाना चाहिए। ऐसे में आइए आपको एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।
दूसरों का सिंदूर लगाने से क्या होता है?
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, हिंदू संस्कृति में सिंदूर को केवल शृंगार नहीं, बल्कि सुहाग का सबसे पवित्र और अनमोल प्रतीक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, किसी अन्य महिला से मांगकर या उसकी डिब्बी से सिंदूर कभी नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने को बेहद अशुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र कहता है कि मांगकर सिंदूर लगाने से पति-पत्नी के बीच का आपसी प्रेम और विश्वास कम होने लगता है और उनके रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति का प्रभाव बढ़ने की आशंका रहती है।
सौभाग्य और समृद्धि पर प्रभाव
धार्मिक मान्यता है कि किसी और का सिंदूर लगाने से सौभाग्य का बंटवारा हो जाता है, जिससे पति के जीवन पर संकट आ सकता है या आर्थिक परेशानियां घेर सकती हैं। शास्त्रों के अनुसार सिंदूर हमेशा अपने पति के पैसों से खरीदा हुआ या मायके व ससुराल से मिला हुआ ही इस्तेमाल करना चाहिए। अपने सुहाग की दीर्घायु और समृद्धि के लिए हमेशा अपने निजी सिंदूर का ही उपयोग करना श्रेष्ठ माना गया है।
किस उंगली से लगाना चाहिए सिंदूर?
धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष के अनुसार, सुहागिन महिलाओं को हमेशा मांग में सिंदूर अनामिका उंगली से ही लगाना चाहिए, क्योंकि इस उंगली का कनेक्शन सूर्य और शुक्र से माना जाता है। इससे सुहागिन महिलाओं के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा रहता है।



